DASTAN- E-JINDAGI
Monday, November 7, 2011
करते-करते ना जाने,वो क्या कर गये!
कहते-कहते ना जाने,वो क्या कह गये!
हमने तो उनको, कभी भी परखा नहीं पर!
जुल्मो-सितम उनके सारे,बाखुदा सह गये!!
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